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ये जो ज़ुल्फ़ काले काले है

ये जो ज़ुल्फ़ काले काले है | जाने कितनो को मार डाले है || उनकी आँखों से ज़रा दूर ही रहियो, ज़ालिम ने क़ातिलों को पाले है || कभी आबाद था ये दिल का मकाँ, अब फ़क़त मकड़ियों के जाले है || उसके लिए हर एक दिन है होली, जिसे देखे है, इश्क़ में रंग डाले है || तारीख़ :  15-Apr-1994

कहने को तूफ़ां से भी टकरा गए

कहने को तूफ़ां से भी टकरा गए | लेकिन निगाह-ए-यार से घबरा गए || ग़मों की तिजोरी भरी थी अभी, अश्कों के मोती लो फिर आ गए || अभी तुमको देखा निगाहें मिली, इतने में ही तुम तो शर्मा गए || तारीख़ : 5 -Jan-1998

ज़िंदगानी ही तो है

ज़िंदगानी ही तो है | बितानी ही तो है || मुहब्बत का क्या, कहानी ही तो है || ढल जाएगी यूँ ही, जवानी ही तो है || मेरा टूटा हुआ दिल, निशानी ही तो है || अश्क़ क्यूँकर बहाऊँ, पानी ही तो है || मौत से क्या डरना, आनी ही तो है || 'नज़र' देखती है उन्हें, दीवानी ही तो है || तारीख़ :  19-Feb-2014