ये जो ज़ुल्फ़ काले काले है

ये जो ज़ुल्फ़ काले काले है |
जाने कितनो को मार डाले है ||

उनकी आँखों से ज़रा दूर ही रहियो,
ज़ालिम ने क़ातिलों को पाले है ||

कभी आबाद था ये दिल का मकाँ,
अब फ़क़त मकड़ियों के जाले है ||

उसके लिए हर एक दिन है होली,
जिसे देखे है, इश्क़ में रंग डाले है ||



तारीख़ : 15-Apr-1994

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