उन्हें देखते ही पलक दोनों बंद हो गए

उन्हें देखते ही पलक दोनों बंद हो गए |
और वो मेरी नज़रों में नज़रबंद हो गए ||

बच के मेरे जी से भला जाओगे किधर तुम,
रस्ते तमाम दिल के मेरे बंद हो गए ||

अपना बनाना हमने तुझे सोचा था पहले,
अब और ज़्यादा हौसले बुलंद हो गए ||

कहते थे न आज़माना अपनी 'नज़र' को तुम,
घट कर चाहने वाले तेरे चंद हो गए ||


तारीख़ : 31-March-1997

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